उत्तराखंड: अपनी ही सरकार में मंत्री के खिलाफ धरना, आरोपों पर मंत्री बोले- साबित हुआ तो छोड़ दूंगा पद
Dehradun BJP Protest | Khajan Das | Chakrata Schemes : उत्तराखंड में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा के भीतर ही विरोध सामने आया है। चकराता क्षेत्र में योजनाओं के चयन और लाभार्थियों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने समाज कल्याण मंत्री खजान दास के सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने योजनाओं में अनदेखी और कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।
मामला अनुसूचित जाति उप योजना (SCSP) और जनजाति उप योजना (TSP) से जुड़ी योजनाओं की सूची को लेकर है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 11 सितंबर को जारी सूची में उनके प्रस्तावों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिली। भाजपा नेता मधु चौहान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंत्री के आवास के बाहर धरना दिया और सूची की समीक्षा की मांग उठाई।
कार्यकर्ताओं ने लगाए ये आरोप
प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चकराता क्षेत्र में योजनाओं के लाभ और कामों के आवंटन में भाजपा से जुड़े लोगों की अनदेखी की गई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस से जुड़े लोगों को योजनाओं का अधिक लाभ दिए जाने और कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए हैं। ये आरोप फिलहाल प्रदर्शनकारियों के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
भाजपा नेता मधु चौहान ने कहा कि जुलाई में उन्होंने मंत्री के सामने क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के प्रस्तावों को प्राथमिकता देने की बात रखी थी। उनका कहना है कि इसके बावजूद जारी सूची में कार्यकर्ताओं की अपेक्षा के अनुसार प्रस्ताव शामिल नहीं हुए। कार्यकर्ताओं ने सूची को दोबारा देखने की मांग की है।
मंत्री आवास पर हुआ प्रदर्शन
रविवार को भाजपा कार्यकर्ता मंत्री खजान दास के यमुना कॉलोनी स्थित सरकारी आवास के बाहर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी शिकायतें रखीं। रिपोर्टों के मुताबिक, मंत्री और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत भी हुई…लेकिन तत्काल समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के सामने भी मामला रखने की बात कही।
खजान दास ने आरोपों पर क्या कहा?
समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने योजनाओं के वितरण में किसी तरह के भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वह पूरे प्रदेश के मंत्री हैं और विभाग को अलग-अलग क्षेत्रों से जो प्रस्ताव मिले…उन्हीं के आधार पर योजनाओं को स्वीकृति दी गई। मंत्री के अनुसार चकराता में अन्य क्षेत्रों की तुलना में भी योजनाएं दी गई हैं।
कमीशनखोरी के आरोपों पर मंत्री ने बेहद कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप साबित होते हैं तो वह मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे और आत्महत्या करने की बात भी कही। यह मंत्री का स्वयं का बयान है; आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
विवाद के बीच समीक्षा का आश्वासन
मंत्री ने प्रदर्शनकारी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर मामले के समाधान की कोशिश की और समीक्षा का आश्वासन दिया। हालांकि प्रदर्शनकारी इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हुए और मुख्यमंत्री से मिलने की बात कही गई।
विवाद का असर पार्टी के दूसरे कार्यक्रम पर भी
विवाद का असर सोमवार को भाजपा के एक जॉइनिंग कार्यक्रम पर भी दिखाई दिया। मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार चकराता क्षेत्र के करीब 60 कार्यकर्ता भाजपा में शामिल होने के लिए प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे…लेकिन मंत्री खजान दास के विरोध के बाद उनकी जॉइनिंग नहीं हो सकी और वे वापस लौट गए।
फिलहाल चकराता की योजनाओं को लेकर भाजपा के भीतर उठे सवालों का अगला कदम मुख्यमंत्री और संगठन स्तर पर होने वाली बातचीत के बाद साफ होगा। वहीं योजनाओं में कथित अनियमितता या कमीशनखोरी के आरोपों की पुष्टि किसी जांच या आधिकारिक निष्कर्ष से होना बाकी है।