Bank Strike पर बड़ा फैसला, सोमवार से सामान्य रहेंगी बैंकिंग सेवाएं
Bank Strike | Five Day Week | Bank Unions : बैंक ग्राहकों के लिए राहत की खबर है। सोमवार से प्रस्तावित तीन दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल फिलहाल टाल दी गई है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच हुई बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया। ऐसे में सोमवार से बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी।
हड़ताल टलने से आम ग्राहकों के साथ कारोबारियों को भी राहत मिली है। हड़ताल का आह्वान UFBU की ओर से किया गया था। इसमें बैंक कर्मचारियों की कई मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी थी।
पांच दिन का बैंकिंग वीक प्रमुख मांग
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना शामिल है। इसके तहत शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश देने की मांग की जा रही है। यूनियनों का कहना है कि इस मुद्दे समेत समझौते में शामिल कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं।
PLI को लेकर भी चर्चा
बैठक में स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए प्रस्तावित परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम पर भी चर्चा हुई। यूनियनों और बैंक अधिकारियों की ओर से उठाई गई आपत्तियों को दूर करने के लिए IBA सरकार के सामने बदलाव का प्रस्ताव रखेगा।
इसके अलावा 8 मार्च 2024 के मिनट्स में दर्ज अन्य लंबित मुद्दों पर भी जल्द बातचीत कर समाधान निकालने पर सहमति बनी है।
27 सितंबर की बैठक के बाद फैसला
UFBU ने 27 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे IBA के साथ हुई बैठक के बाद सर्कुलर जारी कर हड़ताल और प्रस्तावित आंदोलन को टालने की जानकारी दी। संगठन के मुताबिक संबंधित समिति सभी संभावित विकल्पों पर विचार करेगी और सभी पक्षों से बातचीत के बाद ऐसा समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी…जो ग्राहकों के लिए भी स्वीकार्य हो।
पहले क्यों घोषित की गई थी हड़ताल?
UFBU ने शुक्रवार को तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया था। यूनियनों का कहना था कि सरकार के साथ हुए पुराने समझौते में शामिल कई मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं।
बैंक यूनियनों की ओर से यह भी कहा गया था कि उनका उद्देश्य ग्राहकों को परेशान करना नहीं है। हालांकि लंबे समय से लंबित मांगों और समझौते में किए गए वादों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाने की बात कही गई थी।
फिलहाल बातचीत के बाद हड़ताल टल गई है। इससे सोमवार से बैंकिंग सेवाएं बाधित होने की आशंका खत्म हो गई है।