उत्तराखंड में पैक्स कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आखिर किन मांगों पर अड़े सचिव?

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PACS Employees | Uttarakhand News | Cooperative Societies : उत्तराखंड में पैक्स सचिवों और कर्मचारियों की कलमबंद हड़ताल जारी है। पैक्स सचिव एवं कर्मचारी संयुक्त संगठन अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है। संगठन ने 1 अक्टूबर 2026 से प्रदेशव्यापी कलमबंद हड़ताल शुरू की थी। इसके साथ ही 5 अक्टूबर से देहरादून स्थित निबंधक कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन भी शुरू किया गया है।

संगठन का कहना है कि लंबे समय से कर्मचारियों की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई है। इसी वजह से उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। इससे पहले संगठन ने 18 सितंबर से सूचनाओं, बैठकों, मेलों और कैंपों का बहिष्कार भी शुरू किया था।

क्या हैं पैक्स सचिवों और कर्मचारियों की मांगें?

संगठन की प्रमुख मांगों में एम-पैक्स के पंजीकरण से जुड़ी नीति में बदलाव करना और मिनी बैंकों की ऋण व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस नीति तैयार करना शामिल है। इसके अलावा, पैक्स सचिवों और कर्मचारियों को सहकारिता के ढांचे में शामिल करने की मांग की जा रही है।

संगठन ने सभी पैक्स कैडर सचिवों और सहकारी कर्मचारियों को राज्य स्वास्थ्य योजना या गोल्डन कार्ड से जोड़ने की मांग भी उठाई है। इसके साथ ही कैडर फंड, ग्रेड पे, नियोजित अंशदान, वेतन विसंगतियों और सी-153 व सी-57 से जुड़े मामलों पर शासनादेश जारी करने की मांग की गई है।

पदोन्नति और सेवा लाभों की भी मांग

पैक्स सचिवों और कर्मचारियों ने पदोन्नति, वेतनमान, भविष्य निधि और अन्य सेवा लाभों से जुड़े मामलों के समाधान की मांग की है। संगठन चाहता है कि पैक्स कैडर सचिवों को वरिष्ठ शाखा प्रबंधक और सहायक विकास अधिकारी के पदों तक पदोन्नति के अवसर दिए जाएं।

संगठन के पोस्टर पर अध्यक्ष उमेश चंद्र जोशी और महामंत्री चंद्र कांत उप्रेती के नाम दर्ज हैं। अब देखना होगा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर शासन स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं….और हड़ताल का सहकारी समितियों के कामकाज पर कितना असर पड़ता है।

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