उत्तराखंड: सैलजा की आपत्ति को हरीश रावत ने दिखाया ठेंगा, निकली जनसंवाद यात्रा

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Harish Rawat | Congress | Uttarakhand Politics : उत्तराखंड कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सामने आ गई है। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा की आपत्ति के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सोमवार को अपनी जनसंवाद यात्रा लेकर सड़क पर उतरे। जसपुर से शुरू हुई यात्रा काशीपुर पहुंची….जहां रावत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इसके बाद काफिला रामनगर पहुंचा…जहां समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।

दरअसल कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने हरीश रावत की यात्रा को लेकर आपत्ति जताई थी। एक अक्टूबर को भेजे पत्र में उन्होंने कहा था कि यात्रा के संबंध में न तो उनसे और न ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष से चर्चा की गई। सैलजा ने चुनाव नजदीक होने का हवाला देते हुए पार्टी में एकजुट होकर काम करने की जरूरत बताई और ऐसे समानांतर कार्यक्रम को आगे नहीं बढ़ाने की बात कही थी।

इसके बाद भी सोमवार को हरीश रावत जसपुर से अपनी यात्रा पर निकल पड़े। रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी कहा कि अब रुकना नहीं है। उन्होंने यात्रा को जनता से संवाद और कांग्रेस को मजबूत करने से जोड़ते हुए इसे आगे जारी रखने का संकेत दिया।

काशीपुर में नवीन अनाज मंडी स्थित विश्राम गृह परिसर में रावत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है। रावत ने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रिय रहने और लोगों की भावनाओं को समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता के संकेत को समझकर बदलाव की गति तेज करनी होगी….ताकि 2027 में देहरादून और 2029 में दिल्ली में बदलाव आए। यह रावत का राजनीतिक बयान था।

हरीश रावत ने इस दौरान धामी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उनकी यात्रा से सरकार घबरा रही है। काशीपुर के फ्लाईओवर को पांच दिन के लिए बंद किए जाने और यात्रा मार्ग पर पुलिया का काम शुरू होने को भी उन्होंने अपनी यात्रा से जोड़ते हुए तंज कसा। रावत ने कहा कि इस तरह की व्यवस्थाओं से वह और कांग्रेस कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं।

रावत ने यहां तक कहा कि अगली बार वह बिना बताए आएंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनता के बीच जाने और लोगों की समस्याओं और भावनाओं को समझने का आह्वान किया।

हालांकि काशीपुर के कार्यक्रम में कांग्रेस के कुछ प्रमुख स्थानीय पदाधिकारी नजर नहीं आए। महानगर अध्यक्ष अलका पाल समेत जिला कांग्रेस कार्यकारिणी के कई पदाधिकारी कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। इससे पार्टी के भीतर चल रही खींचतान की चर्चा को और हवा मिली।

इसके बाद हरीश रावत की जनसंवाद यात्रा रामनगर पहुंची। शिवलालपुर चुंगी पर समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छोलिया नृत्य और फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया। समर्थकों ने रावत को फूल-मालाओं से लाद दिया। इसके बाद उनका काफिला भवानीगंज और रानीखेत रोड होते हुए कालाढूंगी की ओर रवाना हुआ।

रामनगर में रावत के स्वागत का अंदाज भी खास रहा। यात्रा के दौरान आठ जेसीबी से फूलों की वर्षा की गई। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल समेत कई नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उनके साथ नजर आए। समर्थकों में इस दौरान खासा उत्साह दिखाई दिया।

इस पूरी यात्रा ने उत्तराखंड कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को फिर चर्चा में ला दिया है। एक तरफ पार्टी नेतृत्व चुनाव से पहले एकजुट होकर आगे बढ़ने पर जोर दे रहा है वहीं हरीश रावत अपनी जनसंवाद यात्रा के जरिए लगातार जनता और कार्यकर्ताओं के बीच पहुंच रहे हैं। रावत की यह यात्रा जसपुर से शुरू होकर काशीपुर, रामनगर और कालाढूंगी होते हुए हल्द्वानी तक जाने की जानकारी सामने आई है।

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