उत्तराखंड: नवरात्र के बीच मां भगवती मंदिर में आग से मची अफरा-तफरी, मंदिर को भारी नुकसान

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Bageshwar News | Badiakot Temple Fire | Uttarakhand New : उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में स्थित बदियाकोट गांव से दुखद खबर सामने आई है। यहां मां भगवती मंदिर में आग लगने से मंदिर को भारी नुकसान पहुंचने की सूचना है। लकड़ी से बने मंदिर में आग तेजी से फैल गई…जिससे इसकी पारंपरिक संरचना को काफी क्षति पहुंची है। घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में चिंता का माहौल है।

बदियाकोट का मां भगवती मंदिर क्षेत्र के लोगों की गहरी आस्था का केंद्र है। मंदिर में लकड़ी पर की गई सुंदर नक्काशी इसकी खास पहचान थी। पारंपरिक काष्ठकला से बना यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता था।

नवरात्र के दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में पर्व के बीच मंदिर में आग लगने की घटना से स्थानीय लोग बेहद दुखी हैं।

बदियाकोट गांव कपकोट तहसील से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित है। यह उच्च हिमालयी क्षेत्र होने के कारण भौगोलिक रूप से दुर्गम माना जाता है। ऐसे इलाकों में आग लगने की घटनाओं पर समय रहते काबू पाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

स्थानीय स्तर पर अग्निशमन सुविधाओं की कमी भी चिंता का विषय है। हालांकि मंदिर को कितना नुकसान हुआ है…इसका वास्तविक आकलन सामने आना बाकी है।

कपकोट के पूर्व ब्लॉक प्रमुख गोविंद सिंह दानू ने कहा कि उन्हें सुबह बदियाकोट गांव के भगवती मंदिर में आग लगने की सूचना मिली। उन्होंने कहा कि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने शासन-प्रशासन से घटना की जांच कराने की मांग की है।

दानू के मुताबिक मंदिर में आग लगने की घटना से क्षेत्र के लोग व्यथित हैं। उन्होंने मां भगवती से सभी की कुशलता की कामना भी की।

स्थानीय निवासी आन सिंह ने कहा कि मंदिर का निर्माण मुख्य रूप से लकड़ी से किया गया था। इस वजह से आग तेजी से फैलने और ढांचे को अधिक नुकसान पहुंचने की आशंका है।

मंदिर में बिजली की व्यवस्था थी और पूजा के दौरान दीपक भी जलाए जाते थे। ऐसे में शॉर्ट सर्किट या दीपक से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी इनमें से किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों और मंदिर को हुए नुकसान की पूरी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने बदियाकोट के लोगों को गहरा दुख पहुंचाया है।

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