उत्तराखंड में 1 नवंबर तक कैसा रहेगा मौसम? बारिश और बर्फबारी पर आया अपडेट
Weather Update | Uttarakhand Weather | Rain Alert : उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। प्रदेश में 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच कई जगह हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, शुक्रवार को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। मौसम में इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ और उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रहे पश्चिमी विक्षोभ की भूमिका हो सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात ‘अर्नब’ के बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के तट तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसी दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी देखने को मिल सकता है। इन मौसमी परिस्थितियों के चलते उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बन रही है।
हालांकि प्रदेश में संभावित बारिश को केवल चक्रवात का सीधा असर नहीं माना जा सकता। पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम परिस्थितियां भी इसमें भूमिका निभा सकती हैं।
मौसम विभाग ने बुधवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। इन जिलों में 3,500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है।
प्रदेश के अन्य जिलों में बुधवार को मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति में बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 29 और 30 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
ऐसे में लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए।
फिलहाल उत्तराखंड के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क बना हुआ है। तापमान भी सामान्य के आसपास दर्ज किया जा रहा है…जबकि कुछ पर्वतीय इलाकों में आंशिक बादल छाए हुए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इसके बाद बुधवार से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में बदलाव दिखाई दे सकता है।
आने वाले दिनों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से ठंड बढ़ने की संभावना है। हालांकि बारिश की तीव्रता और उसका असर अलग-अलग जिलों में मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
