दुष्यंत गौतम की जगह राम माधव, उत्तराखंड बीजेपी में प्रभारी और सह प्रभारी बदले
Ram Madhav | BJP Uttarakhand | Uttarakhand Election : उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। बीजेपी ने राज्य के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी अब राम माधव को सौंपी है। इससे पहले दुष्यंत गौतम उत्तराखंड के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
बीजेपी ने बुधवार को कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारी और सह प्रभारियों की नियुक्ति की। इसी सूची में उत्तराखंड के लिए भी बदलाव किया गया है। राम माधव को प्रदेश प्रभारी बनाया गया है।
सह प्रभारियों की जिम्मेदारी में भी बदलाव
उत्तराखंड बीजेपी में सह प्रभारी के स्तर पर भी बदलाव किया गया है। उपलब्ध नियुक्ति सूची के मुताबिक बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन को उत्तराखंड का सह प्रभारी बनाया गया है। इससे पहले रेखा वर्मा सह प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
दुष्यंत गौतम की जगह राम माधव
नए संगठनात्मक बदलाव के बाद दुष्यंत गौतम अब उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी नहीं रहेंगे। अगस्त और सितंबर में उत्तराखंड बीजेपी के नए प्रभारी को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। इससे पहले भी पार्टी में नए प्रभारी की नियुक्ति को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी।
राम माधव का संगठन में लंबा अनुभव
राम माधव बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे और बाद में बीजेपी में महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 2014 में वह बीजेपी में आए और राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी संभाली।
राष्ट्रीय महासचिव रहते हुए राम माधव ने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़े पार्टी संगठन के काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में वह पार्टी की राष्ट्रीय टीम में भी जिम्मेदारियां संभालते रहे।
चुनाव से पहले संगठन में बदलाव
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बीजेपी का यह बदलाव सामने आया है। पार्टी पहले से ही संगठनात्मक बैठकों और चुनावी तैयारियों को लेकर सक्रिय है। सितंबर में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी उत्तराखंड का दौरा किया था और पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठकों में हिस्सा लिया था।
अब राम माधव के सामने उत्तराखंड में पार्टी संगठन से जुड़े काम को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। वहीं सह प्रभारी के तौर पर बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन भी संगठनात्मक गतिविधियों में भूमिका निभाएंगे।