हरीश रावत का सरकार पर हमला – अपराधियों के मन से कानून का खौफ खत्म
देहरादून के कोतवाली डालनवाला क्षेत्र में वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट पर हुई मारपीट की घटना ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एमकेपी चौक से आगे रेसकोर्स के पास तीन स्कूटी सवार युवकों द्वारा पत्रकार के साथ की गई अभद्रता और मारपीट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड जैसी शांतिप्रिय देवभूमि में यदि पत्रकार भी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। शाम के समय एक वरिष्ठ पत्रकार को सरेराह ओवरटेक कर रोकना, गाली-गलौज करना और मारपीट कर फरार हो जाना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन में कानून का डर नहीं रह गया है।
हरीश रावत ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि घटना में शामिल तीनों युवकों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को चिन्हित करना मुश्किल नहीं होना चाहिए, बशर्ते सरकार और प्रशासन गंभीरता दिखाए।
उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि मीडिया ही भय के माहौल में काम करेगा तो आम जनता की आवाज कौन उठाएगा?
हरीश रावत ने अंत में कहा कि उत्तराखंड की पहचान शांति और सम्मान की रही है। इसे अपराध और भय की संस्कृति में बदलने नहीं दिया जा सकता। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित हो और पत्रकारों समेत हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे।












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