अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, तीन जगह बुलडोजर चलाया, दो निर्माण सील
MDDA | IllegalPlotting |DehradunNews : मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृत नक्शे के किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की है। विकासनगर क्षेत्र में तीन जगह अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया…जबकि ऋषिकेश क्षेत्र में दो अवैध निर्माण सील किए गए। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि नियमों के विरुद्ध जमीन पर प्लॉट काटने और बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
27 अक्टूबर को हुई इस कार्रवाई के दौरान एमडीडीए की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों की जांच की। इसके बाद संबंधित स्थलों पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की गई।
विकासनगर के भीमावाला क्षेत्र में छोटी कैनाल रोड स्थित नायरा पेट्रोल पंप के पीछे करीब चार से पांच बीघा जमीन पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। प्राधिकरण की जानकारी के मुताबिक संजय चौहान और अन्य लोगों की ओर से विकसित की जा रही इस प्लॉटिंग के लिए आवश्यक स्वीकृति नहीं ली गई थी। एमडीडीए ने यहां कार्रवाई करते हुए अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया।
विकासनगर में डॉक्टरगंज के पुल संख्या एक और दो के बीच शक्ति कैनाल के पास भी प्राधिकरण ने कार्रवाई की। यहां आशु उनियाल, हर्ष रावत और अन्य लोगों की ओर से करीब पांच बीघा भूमि पर प्लॉटिंग की जा रही थी। प्राधिकरण ने इसे ध्वस्त कर दिया।
ऋषिकेश क्षेत्र के रायवाला में प्रेम दत्त जोशी की ओर से करीब पांच बीघा जमीन पर बिना तलपट मानचित्र की स्वीकृति के प्लॉटिंग की जा रही थी। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर इस प्लॉटिंग को भी ध्वस्त कर दिया।
अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एमडीडीए ने ऋषिकेश क्षेत्र में दो स्थानों पर सीलिंग की। हरिपुर कला की गली नंबर पांच में कपिल मदान की ओर से किए जा रहे निर्माण को सील किया गया। इसके अलावा हरिद्वार रोड पर रायवाला में पंजाब नेशनल बैंक के पास तुषार नरूला के निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
एमडीडीए की कार्रवाई के बीच जमीन खरीदने वालों के लिए भी जरूरी है कि वे भूखंड खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच कर लें। जमीन का स्वीकृत लेआउट, जरूरी मानचित्र और प्राधिकरण की अनुमति की पुष्टि करना महत्वपूर्ण है। बिना स्वीकृति विकसित की गई कॉलोनियों में सड़क, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समस्या हो सकती है। ऐसे भूखंड खरीदने पर कानूनी और आर्थिक परेशानी भी झेलनी पड़ सकती है।
