नैनीताल की बेटियां बनीं लखपति, पहाड़ी उत्पादों की बढ़ी डिमांड

Bhimtal: नैनीताल जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूह अब आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। सरकारी योजनाओं के सहयोग से महिलाएं स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाकर स्वरोजगार से जुड़ रही हैं।

जिले की 13,303 महिलाएं ‘लखपति दीदी योजना’ में शामिल होकर हर साल एक लाख से पांच लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। ये महिलाएं जैम, जेली, अचार, जूस, हस्तशिल्प, पहाड़ी दालें, ऐपण कला, पेंटिंग, सिलाई और बुनाई जैसे पारंपरिक और आधुनिक उत्पाद तैयार कर रही हैं।

ब्लॉकवार आंकड़ों के अनुसार, भीमताल से 1,029, बेतालघाट से 1,813, धारी से 936, हल्द्वानी से 1,407, कोटाबाग से 3,161, ओखलकांडा से 788, रामगढ़ से 1,828 और रामनगर ब्लॉक से 2,341 महिलाएं इस योजना का हिस्सा बनी हैं।

एपीडी चंद्रा फर्त्याल ने बताया कि एनआरएलएम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। पहाड़ी उत्पादों की बिक्री से न सिर्फ महिलाओं की आमदनी बढ़ रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

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