उत्तराखंड: प्रसव के बाद महिला की बिगड़ी हालत, इलाज के लिए भटकता रहा पति; नवजात के जन्म के बाद मां की मौत !

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Prakash-Kaur

Kelakhera News | Maternal Death | Kashipur Hospital : घर में बच्चे के जन्म की खुशी कुछ ही समय में मातम में बदल गई। केलाखेड़ा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद एक महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। महिला को प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने की बात सामने आई है। गंभीर हालत में उसे रुद्रपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया था….लेकिन परिजन उसे इलाज के लिए काशीपुर के निजी अस्पतालों में लेकर पहुंचे। इसी दौरान महिला की मौत हो गई।

मृतका की पहचान ग्राम बाजावाला निवासी यशपाल सिंह की पत्नी प्रकाश कौर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार गुरुवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे प्रकाश कौर को प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केलाखेड़ा लाया गया था। स्वास्थ्य केंद्र में नर्सिंग स्टाफ ने उनका प्रसव कराया। बताया गया कि प्रसव के समय जच्चा और बच्चा दोनों की हालत सामान्य थी।

करीब चार बजे के बाद महिला को अचानक प्रसवोत्तर रक्तस्राव होने लगा। देखते ही देखते उनकी हालत गंभीर हो गई। स्वास्थ्य केंद्र की ओर से उन्हें तत्काल जिला चिकित्सालय रुद्रपुर रेफर किया गया।

हालांकि पति यशपाल सिंह अपनी पत्नी को इलाज के लिए काशीपुर के निजी अस्पतालों में लेकर गए। उनका आरोप है कि उन्होंने कई अस्पतालों में उपचार के लिए संपर्क किया…लेकिन गंभीर हालत होने के कारण समय पर भर्ती और इलाज नहीं मिल सका। इसी दौरान प्रकाश कौर ने दम तोड़ दिया।

नवजात के जन्म के साथ ही छिन गया मां का साया

प्रकाश कौर के पहले से दो बेटे हैं। मनराज सिंह की उम्र आठ साल और युवराज सिंह की उम्र पांच साल है। अब नवजात समेत तीनों बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पत्नी की मौत से पति यशपाल सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है।

जिस घर में बच्चे के जन्म पर खुशियां मनाई जानी थीं वहां अब परिवार गम में डूबा है। पति के सामने अब तीनों बच्चों की जिम्मेदारी भी आ गई है।

निजी अस्पतालों पर पति ने लगाए गंभीर आरोप

यशपाल सिंह का कहना है कि पत्नी की हालत गंभीर होने के बाद वह उन्हें लेकर काशीपुर के कई निजी अस्पतालों में गए….लेकिन समय पर उपचार नहीं मिल सका। उनका कहना है कि अगर समय रहते इलाज मिल जाता तो शायद उनकी पत्नी की जान बच सकती थी।

हालांकि निजी अस्पतालों की ओर से इस मामले में अभी कोई पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

PHC में महिला डॉक्टर की तैनाती नहीं

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केलाखेड़ा के अधीक्षक डॉ. रवि श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र में महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है…और यहां सामान्य प्रसव कराए जाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रकाश कौर को सुबह करीब साढ़े तीन बजे स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। नर्सिंग स्टाफ ने प्रसव कराया और उस समय जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ थे।

डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि प्रसव के बाद महिला को रक्तस्राव होने लगा और हालत गंभीर होने पर उन्हें तत्काल जिला चिकित्सालय रुद्रपुर रेफर कर दिया गया था। लेकिन परिजन उन्हें काशीपुर के निजी अस्पतालों में ले गए…जहां उपचार नहीं मिल पाने के बाद उनकी मौत होने की जानकारी मिली।

मौत के बाद उठे कई सवाल

इस घटना ने प्रसव के बाद आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और रेफरल सिस्टम को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रसवोत्तर रक्तस्राव शुरू होने के बाद महिला को तत्काल कौन-कौन सी चिकित्सा सुविधाएं दी गईं…रेफर करने से पहले उनकी स्थिति को स्थिर करने के लिए क्या कदम उठाए गए और जिला अस्पताल के बजाय परिजन काशीपुर क्यों गए…इन सभी सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।

परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है…तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

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