उत्तराखंड: जान हथेली पर रखकर आवाजाही, पुल टूटा तो रस्सियों के सहारे नाला पार करने को मजबूर लोग

0
KulagadBridge

Pithoragarh Bridge | Dharchula | Kulagad Valley : उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के धारचूला में कुलागाड़ वैली ब्रिज टूटने के 48 घंटे बाद भी वैकल्पिक पुल तैयार नहीं हो सका है। पुल टूटने से दारमा, व्यास और चौदास घाटी की करीब 35 हजार की आबादी के सामने आवाजाही का संकट खड़ा हो गया है। फिलहाल सेना की मदद से रस्सियों और सीढ़ियों के जरिए लोगों को नाला पार कराया जा रहा है।

दरअसल 11 सितंबर की देर रात जुम्मा गांव के ऊंचाई वाले इलाकों में हुई भारी बारिश के बाद कुलागाड़ नाला अचानक उफान पर आ गया था। तेज बहाव की चपेट में आने से कुलागाड़ का वैली ब्रिज बह गया। पुल टूटते ही तीनों घाटियों का धारचूला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया।

रस्सियों के सहारे नाला पार कर रहे लोग

पुल टूटने के बाद लोगों की आवाजाही के लिए सेना के जवानों ने मोर्चा संभाला। फिलहाल रस्सियों और सीढ़ियों की मदद से पैदल लोगों को नाला पार कराया जा रहा है। हालांकि यह रास्ता अभी भी जोखिम भरा बना हुआ है।

आदि कैलाश समेत अन्य धार्मिक यात्राओं के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं को भी इसी अस्थायी रास्ते से आवाजाही करनी पड़ रही है। वहीं बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वैकल्पिक पुल का काम तेज करने के निर्देश

वैकल्पिक बैली ब्रिज के निर्माण कार्य का अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी आशीष भटगांई के निर्देश पर उन्होंने कुलागाड़ पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और बीआरओ के अधिकारियों को पुल निर्माण का काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।

अपर जिलाधिकारी ने कहा कि यह मार्ग कई कारणों से महत्वपूर्ण है। खासतौर पर आदि कैलाश यात्रा और क्षेत्र की पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए पुल का जल्द तैयार होना जरूरी है।

पैदल रास्ते पर सुरक्षा के निर्देश

अपर जिलाधिकारी ने सेना के सहयोग से बनाए गए अस्थायी पैदल मार्ग का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए और संबंधित कर्मचारी मौके पर मौजूद रहें।

इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नदी में जमा मलबे को जल्द हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने साफ किया है कि निर्माण और मलबा हटाने के काम में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अगर विभागीय स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन का जोर जल्द से जल्द वैकल्पिक पुल तैयार कर यातायात व्यवस्था बहाल करने पर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed