1320 MW बिजली खरीद विवाद: धामी के खिलाफ आरोपों पर भूपेश उपाध्याय ने दी तहरीर, पवन खेड़ा पर कार्रवाई की मांग
Political Allegations | Power Tender | Bageshwar | Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद को लेकर सियासी विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार पर टेंडर की शर्तों में बदलाव कर एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाए जाने के बाद अब भाजपा नेता और उत्तराखंड जैविक उत्पाद परिषद के उपाध्यक्ष भूपेश उपाध्याय ने बागेश्वर में शिकायत दी है। उन्होंने पवन खेड़ा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
भूपेश उपाध्याय ने अपनी शिकायत में पवन खेड़ा द्वारा लगाए गए आरोपों को असत्य और भ्रामक बताया है। उनका कहना है कि इन आरोपों के जरिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सार्वजनिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
पवन खेड़ा ने लगाए थे टेंडर में बदलाव के आरोप
दरअसल 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली की दीर्घकालिक खरीद को लेकर कांग्रेस ने उत्तराखंड सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि टेंडर की 86 में से 84 शर्तों में बदलाव किए गए और इससे अदाणी पावर को फायदा पहुंचाने की स्थिति बनी। कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया है कि पहले सरकारी उपक्रमों के जरिए परियोजना की योजना पर विचार क्यों किया गया और बाद में निजी कंपनी से बिजली खरीद का रास्ता क्यों अपनाया गया।
शिकायत में क्या कहा गया?
भूपेश उपाध्याय ने अपनी शिकायत में कहा कि 1320 मेगावाट बिजली खरीद की प्रक्रिया राज्य की आने वाली बिजली जरूरतों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि टेंडर प्रक्रिया प्रतिस्पर्धी निविदा और उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की मंजूरी के तहत आगे बढ़ी है।
उत्तराखंड सरकार की ओर से भी इन आरोपों को खारिज किया गया है। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा है कि बिजली खरीद की प्रक्रिया निर्धारित नियमों, तकनीकी जरूरतों, प्रतिस्पर्धी बोली और उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की मंजूरी के अनुसार की जा रही है। उनके मुताबिक टेंडर की शर्तों में बदलाव तकनीकी जरूरत, परियोजना की लोकेशन, ईंधन की उपलब्धता और परिवहन लागत जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर किए गए।
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के रिकॉर्ड में भी 1320 मेगावाट आरटीसी कोयला आधारित बिजली की दीर्घकालिक खरीद से संबंधित आवेदन और निविदा की कुछ शर्तों में संशोधन से जुड़े मामले दर्ज हैं।
चुनाव से पहले बढ़ा सियासी विवाद
भूपेश उपाध्याय ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से उठा रही है। उन्होंने पवन खेड़ा पर मुख्यमंत्री की छवि खराब करने के उद्देश्य से आरोप लगाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने यह भी कहा कि 1320 मेगावाट बिजली खरीद का टेंडर फरवरी 2025 में जारी हुआ था…जबकि इस मुद्दे को अब राजनीतिक तौर पर उठाया जा रहा है।
पुलिस से मुकदमा दर्ज करने की मांग
भूपेश उपाध्याय ने बागेश्वर के संबंधित अधिकारी से पवन खेड़ा के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर कथित तौर पर झूठे आरोप लगाने और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के मामले में सुसंगत धाराओं में अभियोग दर्ज करने की मांग की है।
शिकायत के साथ संबंधित वीडियो, फेसबुक पोस्ट के स्क्रीनशॉट और 1320 मेगावाट बिजली निविदा से जुड़े उपलब्ध दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं।