अंकिता की मां का छलका दर्द! वीडियो जारी कर बताई आपबीती, जानिए क्या कहा
Ankita Bhandari Case | Soni Devi Statement | Uttarakhand News : उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर माहौल गरमा गया है। अंकिता के माता-पिता के साथ दिल्ली के राजघाट पर हुए घटनाक्रम के बाद उनकी मां सोनी देवी ने वीडियो जारी कर अपनी पीड़ा जाहिर की है। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर दुर्व्यवहार करने और अस्पताल में भी उनके साथ गलत व्यवहार किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
दरअसल, अंकिता भंडारी के माता-पिता बीते दिनों दिल्ली स्थित राजघाट पहुंचे थे। यहां वे महात्मा गांधी की समाधि पर बैठे थे। इसी दौरान पुलिस उन्हें वहां से उठाकर ले गई। इस घटना के बाद अंकिता की मां सोनी देवी की तबीयत बिगड़ गई। अब उन्होंने वीडियो के जरिए उत्तराखंड के लोगों के सामने अपनी बात रखी है।
वीडियो में सोनी देवी ने कहा कि वह उत्तराखंड के भाई-बहनों को अपनी आपबीती बताना चाहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वह और उनके पति राजघाट पर सुकून के लिए गए थे। उन्हें वहां मीडिया की मौजूदगी की जानकारी नहीं थी। कुछ मीडिया कर्मियों ने उनसे बात करने की कोशिश की…तभी पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
सोनी देवी ने आरोप लगाया कि दो महिला पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि अस्पताल में उनकी नाक और गर्दन दबाई गई। इस घटना के बाद से वह डरी हुई हैं। उनका कहना है कि उनके साथ पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।
सोनी देवी ने भावुक होते हुए कहा कि जिस मां ने अपनी बेटी को खोया हो….उसे न्याय की मांग के लिए जगह-जगह जाना पड़ रहा है। इसके बावजूद उन्हें सम्मान मिलने के बजाय अपमान और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उनके दर्द को नौटंकी बताया। सोनी देवी ने सवाल उठाया कि अगर न्याय की मांग करना नौटंकी है तो फिर उनके परिवार के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने सरकार की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।
अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल के श्रीकोट डोभ गांव की रहने वाली थी। वह ऋषिकेश के पास यमकेश्वर ब्लॉक के गंगा भोगपुर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी।
18 सितंबर 2022 को अंकिता अचानक लापता हो गई थी। इसके छह दिन बाद 24 सितंबर को चीला बैराज क्षेत्र की नहर से उसका शव बरामद हुआ। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों अंकित गुप्ता व सौरभ भास्कर को आरोपी बनाया गया था।
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक 18 सितंबर की रात अंकिता को चीला बैराज की नहर में धक्का दिया गया था। इस घटना के बाद पूरे उत्तराखंड में भारी आक्रोश देखने को मिला था।
मामले की सुनवाई के बाद 30 मई 2025 को अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि मामले से जुड़े अन्य सवालों और कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सीबीआई जांच जारी है। अंकिता के माता-पिता लगातार इस मामले में पूरी सच्चाई सामने लाने और न्याय की मांग कर रहे हैं।
