घोड़ा-खच्चर संचालक की बेटी अब खेलेगी उत्तराखंड की महिला क्रिकेट टीम में, पढ़िए सक्सेस स्टोरी
Rudraprayag | Ritika Rawat | Uttarakhand | Cricket : केदारघाटी के रामपुर-न्यालसू गांव की बेटी रीतिका रावत ने अपनी मेहनत के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 20 साल की उम्र में उनका चयन उत्तराखंड की सीनियर महिला क्रिकेट टीम में हुआ है। साधारण परिवार से आने वाली रीतिका ने सीमित संसाधनों के बीच क्रिकेट का अभ्यास जारी रखा और अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलने जा रहा है।
रीतिका के पिता महेंद्र सिंह रावत केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चर चलाने का काम करते हैं….जबकि उनकी मां अरुणा देवी गृहिणी हैं। परिवार की सामान्य आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद रीतिका ने क्रिकेट के प्रति अपने जुनून को कम नहीं होने दिया। उन्होंने खेतों में अभ्यास करके अपनी गेंदबाजी को बेहतर बनाया और लगातार मेहनत करती रहीं।
रीतिका बाएं हाथ की ऑर्थोडॉक्स स्पिन गेंदबाज हैं। उन्होंने पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, ऊखीमठ से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद मदमहेश्वर क्रिकेट एकेडमी में कोच गणेश वर्मा के मार्गदर्शन में क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। फिलहाल वह देहरादून की निंबस क्रिकेट एकेडमी में अभ्यास कर रही हैं।
उत्तराखंड की सीनियर महिला टीम में चयन के बाद रीतिका के सामने अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर है। वह 23 अक्टूबर को टीम के साथ पुणे के लिए रवाना होंगी। इस चयन को उनके क्रिकेट करियर का अहम पड़ाव माना जा रहा है।
रीतिका की उपलब्धि से केदारघाटी और रुद्रप्रयाग जिले में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता क्षेत्र की उन बेटियों के लिए भी प्रेरणा है….जो सीमित सुविधाओं के बीच अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रही हैं।
केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने रीतिका के चयन पर खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है। वहीं क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई है कि रीतिका राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर उत्तराखंड और रुद्रप्रयाग का नाम रोशन करेंगी।