उत्तराखंड का कौन-सा मॉडल अपनाना चाहता है यूपी? श्रमिकों की सेहत से जुड़ा है पूरा मामला

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Uttarakhand CMSSY Scheme | Workers Health Scheme | Uttar Pradesh Labour Department : उत्तराखंड में निर्माण श्रमिकों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा देने के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (CMSSY) दूसरे राज्यों का भी ध्यान खींच रही है। इसी योजना की कार्यप्रणाली को समझने के लिए शनिवार को उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग की एक टीम उत्तराखंड पहुंची। टीम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना के संचालन, तकनीकी व्यवस्था और श्रमिकों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली।

उत्तर प्रदेश राज्य श्रम विभाग के अपर श्रम आयुक्त जुनैद के नेतृत्व में आई टीम ने उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके पात्र आश्रितों को दी जा रही स्वास्थ्य जांच सुविधाओं पर चर्चा हुई। टीम ने यह भी समझा कि उपलब्ध संसाधनों के जरिए योजना को किस तरह संचालित किया जा रहा है।

बैठक में उत्तराखंड के श्रमायुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का ने उत्तर प्रदेश की टीम को योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके पात्र आश्रितों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके जरिए गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करने और जरूरत पड़ने पर मरीजों को उचित चिकित्सा परामर्श व उपचार के लिए रेफर करने की व्यवस्था की गई है।

श्रमायुक्त के मुताबिक योजना के तहत अब तक करीब 60 हजार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था को संचालित करने के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है और बिना किसी अतिरिक्त पूंजीगत निवेश के श्रमिकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

उत्तर प्रदेश से आई टीम ने योजना के अलग-अलग पहलुओं का अध्ययन किया। इसमें श्रमिकों का पंजीकरण और सत्यापन, स्वास्थ्य जांच शिविरों का संचालन, जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया और गंभीर बीमारियों की पहचान जैसे विषय शामिल रहे।

टीम ने यह भी जानकारी ली कि स्वास्थ्य जांच के बाद जरूरतमंद श्रमिकों को आगे के इलाज के लिए किस तरह चिकित्सा सेवाओं से जोड़ा जाता है। इसके साथ ही संबंधित विभागों के बीच समन्वय और योजना की निगरानी की व्यवस्था पर भी चर्चा की गई।

बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश की टीम ने अपने राज्य में इसी तरह की व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उत्तराखंड के अधिकारियों ने योजना के संचालन और उसके व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी साझा की….ताकि दूसरे राज्य भी श्रमिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए उपयोगी व्यवस्थाएं अपना सकें।

इस दौरे को दोनों राज्यों के बीच श्रमिक कल्याण योजनाओं से जुड़े अनुभव साझा करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। यदि उत्तर प्रदेश में भी इस तरह की व्यवस्था विकसित होती है….तो वहां के निर्माण श्रमिकों को स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

श्रमायुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना केवल स्वास्थ्य जांच तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य श्रमिकों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संभावित गंभीर बीमारियों का समय पर पता लगाना और जरूरत के मुताबिक उन्हें चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना भी है।

उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से श्रमिक कल्याण सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल में तकनीकी व्यवस्था, बेहतर प्रबंधन और विभागीय समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका है।

इस अवसर पर उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के उप श्रम आयुक्त विपिन कुमार, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ दुर्गा चमोली और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तर प्रदेश की टीम के इस दौरे से दोनों राज्यों के बीच श्रमिकों के स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़ी योजनाओं में अनुभव साझा करने का अवसर मिला। अब देखना होगा कि उत्तराखंड में अपनाई जा रही इस व्यवस्था के कौन-कौन से पहलू उत्तर प्रदेश में लागू किए जाते हैं।

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