उत्तराखंड: आदि कैलाश मार्ग पर फिर गिरने लगे बोल्डर, बाढ़ में बहा बैली ब्रिज

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Landslide | Flood | Pithoragarh: उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में लगातार बारिश के कारण हालात मुश्किल होते जा रहे हैं। धारचूला क्षेत्र में भूस्खलन और बाढ़ ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर कई जगह पहाड़ी से मलबा और बड़े बोल्डर सड़क पर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। वहीं, कुलागाड़ नदी के उफान में 170 फीट लंबा बैली ब्रिज बह गया। पुल टूटने से व्यास, दारमा और चौदास घाटियों के लोगों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया है।

गस्कू के पास सड़क पर गिरे बोल्डर

शुक्रवार को धारचूला के आदि कैलाश मार्ग पर गस्कू के पास अचानक पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर गिरने लगे। इसके चलते करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। मौके पर काम कर रहे जेसीबी ऑपरेटर ने खतरा देखते हुए मशीन को तुरंत सुरक्षित स्थान पर हटा लिया…जिससे बड़ा हादसा टल गया।

बीआरओ की टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क से मलबा और बोल्डर हटाकर रास्ता खोलने का प्रयास किया। कुछ समय बाद पहाड़ी से दोबारा बोल्डर गिरने लगे और सड़क फिर बंद हो गई। बोल्डरों का गिरना रुकने के बाद टीम ने मशीनों की मदद से मलबा हटाया और करीब दोपहर दो बजे यातायात सुचारू कराया।

कई जगह भूस्खलन से बढ़ी परेशानी

आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर गस्कू के अलावा कुलागाड़, एलागाड़ और मलघाट में भी मलबा और बोल्डर सड़क पर आने से यातायात प्रभावित हुआ। बारिश के बाद पहाड़ियों के कमजोर होने के कारण संवेदनशील स्थानों पर अचानक पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। बीआरओ की टीम सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मलबा हटाने का काम कर रही है।

बाढ़ में बह गया 170 फीट लंबा बैली ब्रिज

धारचूला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के बाद कुलागाड़ नदी उफान पर आ गई। तेज बहाव में कुलागाड़ पर बना करीब 170 फीट लंबा बैली ब्रिज बह गया। यह पुल 27 अगस्त को तैयार किया गया था।

पुल बहने से चीन सीमा से लगे क्षेत्र के साथ व्यास, दारमा और चौदास घाटियों का संपर्क एक बार फिर प्रभावित हो गया है। इससे पहले 18 अगस्त को पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण कुलागाड़ पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था….जिसके बाद इन घाटियों का तहसील मुख्यालय से संपर्क करीब दो दिन तक बाधित रहा था।

बीआरओ ने कुछ ही दिनों में बनाया था नया पुल

पुराना पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद बीआरओ ने तेजी से काम शुरू किया था। 23 अगस्त से नए बैली ब्रिज का निर्माण शुरू किया गया और 27 अगस्त को पुल तैयार कर लिया गया। इसके बाद 28 अगस्त से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई थी।

पुल के दोबारा बह जाने से क्षेत्र के लोगों के सामने फिर से आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है।

सुरक्षा के लिए धारचूला-तवाघाट-गुंजी मार्ग बंद

लगातार बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से धारचूला-तवाघाट-गुंजी मार्ग को आवागमन के लिए बंद कर दिया है। लोगों को इस मार्ग पर भारी वाहन, यात्री वाहन या अन्य वाहनों से यात्रा नहीं करने की सलाह दी गई है।

जिले में करीब एक दर्जन सड़कें बारिश के कारण बंद बताई गई हैं। संबंधित विभाग बंद सड़कों को खोलने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से बारिश और भूस्खलन के बीच अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

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