हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को कहा: गैर कानूनी पार्किंग पर अंकुश के लिए SOP पेश करें
Nainital News : E-Rickshaw : High Court : SOP : Transport Secretary : Commissioner : हाई कोर्ट ने दून ई-रिक्शा एसोसिएशन की याचिका पर राज्य सरकार को गैर कानूनी पार्किंग को रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने परिवहन सचिव और आयुक्त से कहा है कि वे पूर्व के आदेश का सही पालन हो रहा है या नहीं इसके बारे में शपथपत्र पेश करें। यदि ऐसा नहीं किया गया….तो कोर्ट अवमानना की कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ेगी। अगली सुनवाई अब 16 फरवरी को होगी।
याचिका में बताया गया कि 2019 में पुलिस ने देहरादून की मुख्य सड़कों पर सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक ई-रिक्शा संचालन पर रोक लगा दी थी। इससे ई-रिक्शा चालकों और आटो रिक्शा चालकों के बीच विवाद हुआ। याचिकाकर्ता का कहना था कि समाधान के बजाय पुलिस केवल ई-रिक्शा चालकों का उत्पीड़न कर रही है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित पार्किंग के अलावा किसी सड़क या सार्वजनिक स्थान पर वाहन पार्क करने की अनुमति न दी जाए। कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि 25 मार्च को राज्य सरकार से पूछा गया था कि स्थानीय प्रशासन की ओर से तय पार्किंग के अलावा सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थान पर वाहन पार्क नहीं करने के आदेश का पालन किया जा रहा है या नहीं।
इसके बाद 2 अप्रैल 2025 को परिवहन आयुक्त को व्यक्तिगत शपथपत्र देने के निर्देश भी दिए गए थे…लेकिन अब तक कोई शपथपत्र पेश नहीं किया गया। हाई कोर्ट ने अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली को इस मामले में न्याय मित्र के रूप में नियुक्त करने का भी निर्देश दिया है।