आज 16 फरवरी 2026 को प्रस्तावित ‘राजभवन घेराव’ कार्यक्रम को लेकर प्रदेशभर में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि यह कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि जनभावनाओं को लोकतांत्रिक तरीके से अभिव्यक्त करने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, मनरेगा में अनियमितताओं, बिगड़ती कानून व्यवस्था और महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार जैसे गंभीर मुद्दों पर जनता की आवाज उठाना जरूरी हो गया है।
हरीश रावत ने विश्वास जताया कि 20–25 हजार से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा, महिलाएं और आम नागरिक इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में देहरादून पहुंचने की अपील की।
राजभवन घेराव के माध्यम से जनता की आवाज प्रभावी ढंग से उठाई जाएगी और प्रदेश की जनसमस्याओं को मजबूती से सामने रखा जाएगा।
यह संघर्ष किसी एक दल का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता, न्याय और भविष्य से जुड़ा संघर्ष है।
जय हिंद।
जय भारत।
जय उत्तराखंड।
अन्याय के आगे झुकना नहीं — राजभवन तक गूंजेगा जनसैलाब का स्वर!














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