बिलखती माँ और परिवार से मिलकर संवेदना प्रकट करते हरीश रावत
देहरादून के मच्छी बाज़ार क्षेत्र में दो दिन पहले घटी हृदयविदारक घटना केवल एक अपराध नहीं है, यह हमारे समाज और व्यवस्था के लिए एक कठोर चेतावनी है। 23 वर्षीय बेटी गुंजन की निर्मम हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। बाजारों का बंद होना, लोगों का आक्रोश—ये सब उस गहरे दर्द की अभिव्यक्ति हैं, जो आज हर संवेदनशील नागरिक के मन में है।
यह घटना बताती है कि जब किसी बेटी की शिकायत समय रहते गंभीरता से नहीं ली जाती, तो उसका परिणाम कितना भयावह हो सकता है।
इस हृदयविदारक घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरिश रावत मच्छी बाजार, देहरादून पहुंचे और गुंजन के आवास जाकर उनकी माता जी, भाई एवं परिजनों से भेंट कर गहरा शोक व्यक्त किया।
हरिश रावत ने कहा बिलखती हुई मां और भाई के आंसू थामना भगवान के लिए भी संभव नहीं है।”
हरिश रावत ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि मृतका गुंजन ने 31 जनवरी को आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, इसके बावजूद उसे समय पर सुरक्षा नहीं मिल सकी।
उन्होंने कहा कि यदि शिकायत के बाद भी एक बेटी सुरक्षित नहीं है, तो यह प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हरिश रावत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस घटना को केवल कानून-व्यवस्था का मामला मानकर नहीं छोड़ा जा सकता।
हरिश रावत ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा—“भगवान बेटी गुंजन की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं उनकी मां, भाई व परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति, शांति।”
उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में न्याय की मांग को वे मजबूती से उठाते रहेंगे और बेटियों की सुरक्षा को लेकर समाज और शासन—दोनों को आत्ममंथन करना होगा।
















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